प्रथम दिवस: 23 नवंबर 2026
यात्रा का प्रारंभ प्रातः 7:00 बजे गिरिराज जी का पूजन, दुग्धाभिषेक एवं यात्रा संकल्प के साथ होगा।
23 से 29 नवंबर 2026 तक वाहन द्वारा सात दिवसीय ब्रज यात्रा में गिरिराज पूजन, दिव्य धामों के दर्शन, संकीर्तन, प्रसाद और संत-संग का अनुपम अनुभव प्राप्त करें।
ब्रज रज में भक्ति का अलौकिक अनुभव
ब्रज 84 कोस यात्रा केवल स्थानों का भ्रमण नहीं, बल्कि श्री राधा-कृष्ण की लीलाभूमि को हृदय से अनुभव करने का पावन अवसर है। गिरिराज जी पूजन से आरंभ होकर यह यात्रा मथुरा, वृंदावन, गोवर्धन, बरसाना, नंदगाँव, गोकुल और ब्रज के अनेक दिव्य तीर्थों से होकर गुजरती है।
सात दिनों में ब्रज के पावन दर्शन
हर दिन ब्रज की अलग लीला, अलग अनुभूति और अलग दिव्य धाम का दर्शन कराएगा। नीचे यात्रा के प्रमुख आकर्षण संक्षेप में प्रस्तुत हैं।
यात्रा का प्रारंभ प्रातः 7:00 बजे गिरिराज जी का पूजन, दुग्धाभिषेक एवं यात्रा संकल्प के साथ होगा।
भद्रौल, अक्रूर घाट, बिरला मंदिर, द्वारकाधीश दर्शन, विश्राम घाट, श्री कृष्ण जन्मभूमि, पोत्रा कुंड, भूतेश्वर महादेव, मधुवन, ध्रुवजी भजन स्थली, कृष्ण कुंड एवं तालवन दर्शन। तत्पश्चात यात्रा गोवर्धन लौटेगी।
शांतनु कुंड, शांतनु बिहारी जी, सूरदास जी भजन स्थली, गोसाईं जी की बैठक, चंद्र सरोवर, मानसी गंगा, दान घाटी, जतीपुरा, राधाकुंड एवं श्याम कुंड दर्शन।
आदि बद्री, यमुनोत्री, गंगोत्री, लक्ष्मण झूला, नर-नारायण पर्वत, अलकनंदा, गौरीकुंड, केदारनाथ, शेषनाग, रुद्रवन, चरण पहाड़ी एवं राममंडल दर्शन।
डीग का किला, लक्ष्मण मंदिर, विमल कुंड, मदन मोहन जी, गोकुल, गोविंद देवजी, गोपीनाथ, चौरासी खंभा, बलदेव जी, राधा वल्लभ जी, ऊँचा गाँव एवं ललिता जी दर्शन।
प्रेम सरोवर, संकेत वट, नंदगाँव, यशोदा कुंड, पावन सरोवर, नंद भवन, टेरकदंब, बरसाना, पीली पोखर, वृषभानु कुंड, गेहवर कुंड और श्रीजी मंदिर दर्शन।
कोकिलावन, कोसी गोमती सरोवर, द्वारकापुरी, शेषसागर, फालेन, प्रह्लाद कुंड, शेरगढ़, दाऊजी, बिहार वन, अक्षय वट, तपोवन, चीरघाट, कात्यायनी देवी और गरुड़ गोविंद दर्शन।
यह यात्रा दर्शन से आगे बढ़कर अनुशासन, संकीर्तन, सेवा, संगति और दिव्य स्मृतियों का जीवंत अनुभव बनती है।
अपनी सुविधा के अनुसार चुनें
यात्रा शुल्क में निर्धारित आवास, वाहन, चाय, नाश्ता, दोपहर भोजन और रात्रि प्रसाद सम्मिलित हैं। विशेष आवास विकल्प अतिरिक्त सुविधा के साथ उपलब्ध हैं।
एक श्रद्धालु का सम्पूर्ण मूल यात्रा शुल्क।
यात्रा से पूर्व ध्यानपूर्वक पढ़ें
यात्रा को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और आध्यात्मिक बनाए रखने के लिए नीचे दिए सभी निर्देशों का पालन करें।
ब्रज यात्रा के जीवंत दर्शन
यात्रा के प्रत्येक पड़ाव पर भजन, हरिनाम, दर्शन, सामूहिक प्रसाद और पूज्या देवी चित्रलेखा जी का पावन सान्निध्य श्रद्धालुओं के लिए जीवनभर की स्मृति बनता है।
गौ सेवा धाम हॉस्पिटल में प्रत्येक महीने सैकड़ों बेसहारा, घायल, दुर्घटनाग्रस्त एवं गंभीर रूप से बीमार गौवंश तथा अन्य जीवों का पूर्णतः सेवा भाव से उपचार किया जाता है। इन जीवों की नियमित चिकित्सा, भोजन, देखभाल एवं संरक्षण के लिए प्रतिमाह लगभग ₹40–50 लाख का व्यय होता है। आपकी नियमित मासिक सेवा इस दिव्य अभियान को निरंतर आगे बढ़ाने का आधार बनती है।
आधुनिक चिकित्सा, सर्जरी एवं आवश्यक दवाइयों द्वारा घायल एवं बीमार जीवों को नया जीवन प्रदान किया जाता है।
प्रतिदिन हरा चारा, रोटी, दालिया एवं संतुलित आहार उपलब्ध कराया जाता है।
आधुनिक एम्बुलेंस के माध्यम से घायल एवं बेसहारा जीवों का त्वरित रेस्क्यू किया जाता है।
समर्पित Veterinary Doctors एवं मेडिकल स्टाफ चौबीसों घंटे सेवा में तत्पर रहते हैं।
केवल एक बार अनुमति देकर प्रत्येक माह स्वतः सेवा राशि अर्पित करें।
आपकी नियमित मासिक सेवा अनेक बेसहारा जीवों के लिए नए जीवन की आशा बन सकती है।